Chaupai 39


॥ श्रीराम ॥

मूल (चौपाई) –

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ ३९ ॥

शब्दार्थ – गौरीसा – भगवान् शिव।

अर्थ – अब गोस्वामी जी भविष्यत्काल में वर्तमान काल का दर्शन कर बोल रहे हैं जो इस हनुमानचालीसा को पढ़ेगा उसको अवश्य लौकिक तथा पारलौकिक सिद्धि प्राप्त होगी। इस विषय प्रतिज्ञा के साक्षी भगवान् शिव है।

व्याख्या – श्रीहनुमान-चालीसा लौकिक तथा पारलौकिक सिद्धियों की प्रदाता है इस प्रतिज्ञा में शिवजी का साक्ष्य देते हैं। जैसे विनयपत्रिका में श्रीराम-नाम प्रतीत करते समय शिवजी को साक्षी रूप में उपस्थित किया है। यथा शंकर साखि जो राखि कहौं कछु तौ जरि जीह गरो (वि.प. २२६-६)।