Chaupai 26


॥ श्रीराम ॥

मूल (चौपाई) –

संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥ २६ ॥

शब्दार्थ – संकट – विपत्ति।

अर्थ – जो मन, क्रम वचन से एकाग्र होकर हनुमान जी को ध्यान में ले आते हैं उन्हें श्रीहनुमान जी सभी संकटों से मुक्त कर देते हैं।

व्याख्या – उनका नाम ही संकट मोचन है। यथा को नही जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो (सं.ह.अ. १,२,३,४,५,६,७,८)। यथा गुन गनत नमत सुमिरत जपत समन सकल संकट विकट (ह.बा. १)।